से राष्ट्र की सेवा में
भारतीय आवाम एकता पार्टी (BAAP) की परिकल्पना केवल एक राजनीतिक दल के रूप में नहीं की गई थी, बल्कि इसे एक जन आंदोलन के रूप में स्थापित किया गया है। वर्तमान समय में जहाँ राजनीति धर्म, जाति और स्वार्थ के इर्द-गिर्द घूमती है, वहीं हमारी पार्टी मानवता और विकास के मूल सिद्धांतों पर वापस लौटने का आह्वान करती है।
हमारे संस्थापकों ने महसूस किया कि आम आदमी का शोषण लगातार हो रहा है। नीतियां बनती हैं लेकिन अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक नहीं पहुंचतीं। इसी व्यवस्था को बदलने के लिए 2017-18 में भारत निर्वाचन आयोग के तहत भारतीय आवाम एकता पार्टी का गठन हुआ।
"हमारा लक्ष्य सत्ता प्राप्त करना नहीं है, बल्कि सत्ता को जन-जन की सेवा का एक ईमानदार माध्यम बनाना है।"
हम एक पारदर्शी, जवाबदेह और अत्यधिक कुशल प्रशासनिक ढांचा स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो हर नागरिक को समान अधिकार, त्वरित न्यायिक समाधान और निर्बाध विकास की गारंटी देता है, चाहे उनकी पृष्ठभूमि, जाति या धर्म कुछ भी हो।
वे स्तंभ जिन पर भारतीय आवाम एकता पार्टी की नींव रखी गई है।
एक ऐसे अखंड भारत का निर्माण करना जहाँ राजनीति का अर्थ केवल जनसेवा हो। एक ऐसा राष्ट्र जहाँ युवा कार्यरत हों, किसान समृद्ध हों, महिलाएँ पूर्णतः सुरक्षित और सशक्त हों, और वृद्ध जनों को सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हो। हम एक ऐसा समाज देखते हैं जो जातिवाद और सांप्रदायिकता से पूरी तरह मुक्त हो।
20-सूत्रीय कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के क्षेत्रों में क्रांतिकारी सुधार लाना। हमारा मिशन भ्रष्टाचार मुक्त शासन, त्वरित न्याय प्रणाली और ग्रामीण बुनियादी ढांचे का ऐसा विकास सुनिश्चित करना है कि महानगरों की ओर होने वाले जबरन पलायन को रोका जा सके।
संघर्ष से लेकर संगठन तक, हमारी प्रगति की समयरेखा।
श्री कौशल पाण्डेय और अन्य विचारकों द्वारा पार्टी की नींव रखी गई। भारत निर्वाचन आयोग से आधिकारिक पंजीकरण (संख्या: 56/389/2017-18) प्राप्त हुआ। समाज सुधार का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया।
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र (विशेषकर देवरिया, गोरखपुर) में व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू किया गया। पहले वर्ष में ही हजारों युवाओं ने पार्टी की विचारधारा से जुड़कर सदस्यता ग्रहण की।
महामारी के कठिन समय में पार्टी ने राजनीतिक गतिविधियों को रोककर मानवता की सेवा की। सूखा राशन वितरण, मेडिकल ऑक्सीजन की व्यवस्था और प्रवासी मजदूरों की घर वापसी में सहायता प्रदान की गई।
जनता की वास्तविक समस्याओं के आधार पर पार्टी ने अपना ऐतिहासिक 20-सूत्रीय कार्यक्रम जारी किया, जिसमें मुफ्त शिक्षा, उन्नत स्वास्थ्य सेवा और 'राइट टू रिकॉल' जैसे क्रांतिकारी विचार शामिल किए गए।
आज पार्टी उत्तर प्रदेश से बाहर निकलकर कई अन्य राज्यों में अपनी जड़ें मजबूत कर रही है। लाखों समर्थक और हजारों सक्रिय कार्यकर्ता "सत्य और मानवता" के झंडे को बुलंद कर रहे हैं।
वे अनुभवी, ईमानदार और दूरदर्शी नेता जो भारतीय आवाम एकता पार्टी के सिद्धांतों को वास्तविकता में बदलने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।
श्री कौशल पाण्डेय भारतीय राजनीति में एक नई सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने महसूस किया कि पारंपरिक राजनीति केवल बांटने का काम कर रही है। उनका दृढ़ विश्वास है कि एक सच्चा नेता वही है जो समाज के सबसे गरीब व्यक्ति के आंसू पोंछ सके। उनके नेतृत्व में ही 20-सूत्रीय एजेंडा तैयार किया गया है। वह लगातार जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका नारा है: "धर्म और जाति नहीं, रोटी और रोजगार की बात करो।"
श्रीमती मोना पाण्डेय पार्टी में महिला सशक्तिकरण और शिक्षा सुधारों की प्रमुख आवाज़ हैं। उनका मानना है कि जब तक देश की आधी आबादी को पूर्ण सुरक्षा और वित्तीय स्वतंत्रता नहीं मिल जाती, तब तक कोई भी राष्ट्र विकास नहीं कर सकता। वह पूरे प्रदेश में महिलाओं के लिए कौशल विकास कार्यशालाओं और कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन करती हैं। पार्टी के नीति-निर्माण में उनका सूक्ष्म दृष्टिकोण बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और किसान अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत रहने वाले एक प्रमुख स्तंभ।
पार्टी में अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक समुदाय के बीच एकता और भाईचारे (सामाजिक एकता) के मुख्य रणनीतिकार।
युवाओं के बीच पार्टी की नीतियों का प्रचार-प्रसार करने और रोजगार के मुद्दों पर मुखर रहने वाले युवा नेता।
वरिष्ठ राजनीतिक रणनीतिकार जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधनों और नीतियों के विस्तार का कार्य देखते हैं।
प्रदेश स्तर पर संगठन की कमान संभालते हुए जिला स्तर तक कमेटियों का गठन और जनसंपर्क अभियान का नेतृत्व करते हैं।
पिछड़े वर्गों के उत्थान और उन्हें पार्टी की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पार्टी के कानूनी मामलों और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे आंदोलनों का कानूनी मार्गदर्शन करते हैं।
बुद्धिजीवी वर्ग के बीच पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए शैक्षिक सुधारों पर पार्टी के दृष्टिकोण को आकार देते हैं।
समाज के हर वर्ग की विशिष्ट समस्याओं को सुलझाने के लिए हमारे समर्पित प्रकोष्ठ।
बेरोजगारी, कौशल विकास और शिक्षा के मुद्दों को उठाने और युवाओं को राजनीति में आगे लाने का मंच।
महिलाओं की सुरक्षा, अधिकार, घरेलू हिंसा के खिलाफ न्याय और वित्तीय स्वावलंबन सुनिश्चित करने वाली इकाई।
MSP की गारंटी, कर्ज माफी, उर्वरकों की उपलब्धता और कृषि सुधारों के लिए संघर्ष करने वाला विभाग।
पार्टी की नीतियों का डिजिटल प्रचार, फेक न्यूज़ का खंडन और जनता से ऑनलाइन संवाद स्थापित करने वाली टीम।
अगर आप भी मौजूदा भ्रष्ट सिस्टम से थक चुके हैं और एक साफ-सुथरी, पारदर्शी राजनीति चाहते हैं, तो आज ही भारतीय आवाम एकता पार्टी से जुड़ें। आप एक स्वयंसेवक के रूप में काम कर सकते हैं या आर्थिक योगदान देकर इस आंदोलन को मजबूत बना सकते हैं।